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Q.S अन-नजम (53:48)
وَاَنَّهٗ هُوَ اَغْنٰى وَاَقْنٰىۙ
wa annahū huwa agnā wa aqnā.
आ सत्ते ओ धन आ पर्याप्तता देनिहार छथि |
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Q.S अल-लैल (92:5)
فَاَمَّا مَنْ اَعْطٰى وَاتَّقٰىۙ
fa ammā man a‘ṭā wattaqā.
त जे (अल्लाह के रास्ता में अपन धन) दैत अछि आ धर्मात्मा अछि,
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Q.S अल-लैल (92:8)
وَاَمَّا مَنْۢ بَخِلَ وَاسْتَغْنٰىۙ
wa ammā man bakhila wastagnā.
आ रहल बात एहन लोकक जे कंजूस छथि आ अपना केँ पर्याप्त बुझैत छथि (भगवानक मददक आवश्यकता नहि)