قُلِ اللّٰهُمَّ مٰلِكَ الْمُلْكِ تُؤْتِى الْمُلْكَ مَنْ تَشَاۤءُ وَتَنْزِعُ الْمُلْكَ مِمَّنْ تَشَاۤءُۖ وَتُعِزُّ مَنْ تَشَاۤءُ وَتُذِلُّ مَنْ تَشَاۤءُ ۗ بِيَدِكَ الْخَيْرُ ۗ اِنَّكَ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيْرٌ
qulillāhumma mālikal-mulki tu'til-mulka man tasyā'u wa tanzi‘ul-mulka mim man tasyā'(u), wa tu‘izzu man tasyā'u wa tużillu man tasyā'(u), biyadikal-khair(u), innaka ‘alā kulli syai'in qadīr(un).
कहो (मुहम्मद), 'ऐ मेरे रब, सत्ता का मालिक, तू जिसे चाहे सत्ता देता है, और जिससे चाहे सत्ता छीन लेता है। तू जिसे चाहे इज्जत देता है और जिसे चाहे अपमानित करता है। तेरे हाथ में सारी भलाई है। निश्चय ही, तू हर चीज पर कुदरत रखता है।
فَتَعٰلَى اللّٰهُ الْمَلِكُ الْحَقُّۚ وَلَا تَعْجَلْ بِالْقُرْاٰنِ مِنْ قَبْلِ اَنْ يُّقْضٰٓى اِلَيْكَ وَحْيُهٗ ۖوَقُلْ رَّبِّ زِدْنِيْ عِلْمًا
fa ta‘ālallāhul-malikul-ḥaqq(u), wa lā ta‘jal bil-qur'āni min qabli ay yuqḍā ilaika waḥyuh(ū), wa qur rabbi zidnī ‘ilmā(n).
तो अल्लाह बहुत बुलंद है, जो हक़ीक़ी बादशाह है। और (ऐ मुहम्मद!) कुरआन को जल्दी-जल्दी (पढ़ने) में हड़बड़ी न कर, इससे पहले कि तुझ पर वह्य पूरी हो जाए, और कह, 'ऐ मेरे रब! मेरे इल्म में इज़ाफा कर।'
فَتَعٰلَى اللّٰهُ الْمَلِكُ الْحَقُّۚ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَۚ رَبُّ الْعَرْشِ الْكَرِيْمِ
fa ta‘ālallāhul-malikul-ḥaqq(u), lā ilāha illā huw(a), rabbul-‘arsyil-karīm(i).
तो महान है अल्लाह, सच्चा बादशाह; उसके सिवा कोई माबूद (इलाह) नहीं, वह अर्श-ए-मुकर्रमा का मालिक है।
هُوَ اللّٰهُ الَّذِيْ لَآ اِلٰهَ اِلَّا هُوَ ۚ اَلْمَلِكُ الْقُدُّوْسُ السَّلٰمُ الْمُؤْمِنُ الْمُهَيْمِنُ الْعَزِيْزُ الْجَبَّارُ الْمُتَكَبِّرُۗ سُبْحٰنَ اللّٰهِ عَمَّا يُشْرِكُوْنَ
huwallāhul-lażī lā ilāha illā huw(a), al-malikul-quddūsus-salāmul-mu'minul-muhaiminul-‘azīzul-jabbārul-mutakabbir(u), subḥānallāhi ‘ammā yusyrikūn(a).
वही अल्लाह है जिसके सिवा कोई माबूद नहीं। बादशाह, बहुत पवित्र, बहुत सलामती देने वाला, अमन देने वाला, निगरानी करने वाला, बहुत शक्तिशाली, बहुत ज़बरदस्त, सारी बड़ाई वाला, अल्लाह उससे पाक है जिसे वे शरीक करते हैं।
يُسَبِّحُ لِلّٰهِ مَا فِى السَّمٰوٰتِ وَمَا فِى الْاَرْضِ الْمَلِكِ الْقُدُّوْسِ الْعَزِيْزِ الْحَكِيْمِ
yusabbiḥu lillāhi mā fis-samāwāti wa mā fil-arḍil-malikil-quddūsil-‘azīzil-ḥakīm(i).
जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, वह अल्लाह की तस्बीह करता है। वह बादशाह, बहुत पवित्र, बहुत शक्तिशाली, बहुत हिकमत वाला है।
قُلْ اَعُوْذُ بِرَبِّ النَّاسِۙ
qul a‘ūżu birabbin-nās(i).
कहो, 'मैं मानवों के रब की शरण माँगता हूँ,