इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - इसलाम इस्लाम का रद्द होना मुस्लिम उम्माह के पतन का कारण बनता है अल्लाह, उसके दूत, कुरान का अपमान करना या उसे नकारना कुरान का अपमान करना या उसका खंडन करना

श्लोक खोज परिणाम :
कुल श्लोक : 1
68
Q.S अल-अनआम (6:68)

وَاِذَا رَاَيْتَ الَّذِيْنَ يَخُوْضُوْنَ فِيْٓ اٰيٰتِنَا فَاَعْرِضْ عَنْهُمْ حَتّٰى يَخُوْضُوْا فِيْ حَدِيْثٍ غَيْرِهٖۗ وَاِمَّا يُنْسِيَنَّكَ الشَّيْطٰنُ فَلَا تَقْعُدْ بَعْدَ الذِّكْرٰى مَعَ الْقَوْمِ الظّٰلِمِيْنَ

wa iżā ra'aital-lażīna yakhūḍūna fī āyātinā fa a‘riḍ ‘anhum ḥattā yakhūḍū fī ḥadīṡin gairih(ī), wa immā yunsiyannakasy-syaiṭānu falā taq‘ud ba‘daż-żikrā ma‘al-qaumiẓ-ẓālimīn(a).

और जब तुम उन लोगों को देखो जो हमारी आयतों का मज़ाक़ उड़ाते हैं, तो उन्हें छोड़ दो, जब तक कि वे किसी दूसरी बात में न लग जाएँ। और अगर शैतान तुम्हें (इस हिदायत को) भुला दे, तो याद आने के बाद ज़ालिम लोगों के साथ न बैठो।