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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - इसलाम इस्लाम का रद्द होना मुस्लिम उम्माह के पतन का कारण बनता है ग़ुल्लूव और धार्मिक लोगों को संस्कारित करना पैगंबर सहित धर्मी लोगों की प्रशंसा और पूजा करने में अत्यधिक निषेध।

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कुल श्लोक : 1
77
Q.S अल-मैदाह (5:77)

قُلْ يٰٓاَهْلَ الْكِتٰبِ لَا تَغْلُوْا فِيْ دِيْنِكُمْ غَيْرَ الْحَقِّ وَلَا تَتَّبِعُوْٓا اَهْوَاۤءَ قَوْمٍ قَدْ ضَلُّوْا مِنْ قَبْلُ وَاَضَلُّوْا كَثِيْرًا وَّضَلُّوْا عَنْ سَوَاۤءِ السَّبِيْلِ ࣖ

qul yā ahlal-kitābi lā taglū fī dīnikum gairal-ḥaqqi wa lā tattabi‘ū ahwā'a qaumin qad ḍallū min qablu wa aḍallū kaṡīraw wa ḍallū ‘an sawā'is-sabīl(i).

कहो (मुहम्मद), 'ऐ अहल-ए-किताब! अपने दीन में ग़लत तरीक़े से हद से न गुज़रो। और उन लोगों की ख़्वाहिशों का पालन न करो जो पहले गुमराह हो चुके हैं और बहुतों को गुमराह कर चुके हैं, और ख़ुद सीधे रास्ते से भटक गए हैं।'