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Q.S अल-बकराह (2:37)
فَتَلَقّٰٓى اٰدَمُ مِنْ رَّبِّهٖ كَلِمٰتٍ فَتَابَ عَلَيْهِ ۗ اِنَّهٗ هُوَ التَّوَّابُ الرَّحِيْمُ
fatalaqqā ādamu mir rabbihī kalimātin fatāba ‘alaih(i), innahū huwat-tawwābur- raḥīm(u).
तखन आदम केँ अपन प्रभु सँ वचन भेटलनि, आ ओ अपन पश्चाताप स्वीकार कयलनि। सचमुच अल्लाह पश्चाताप के स्वीकार करय वाला, परम दयालु छैथ।