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Q.S अन-नजम (53:16)
اِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشٰىۙ
iż yagsyas-sidrata mā yagsyā.
(मुहम्मद जीब्रिल के देखलखिन) जखन सिद्रतिल उल्टी केलक आ ओकरा ढकने कोनो चीज स अभिभूत भ गेल,
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Q.S अन-नजम (53:17)
مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغٰى
mā zāgal-baṣaru wa mā ṭagā.
हुनक (मुहम्मदक) दृष्टि जे देखलनि ताहि सँ नहि विचलित भेलनि आ नहिये (नहि) ओहि सँ आगू बढ़लनि ।
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Q.S अन-नजम (53:18)
لَقَدْ رَاٰى مِنْ اٰيٰتِ رَبِّهِ الْكُبْرٰى
laqad ra'ā min āyāti rabbihil-kubrā.
सचमुच, ओ अपन प्रभुक किछु पैघ चिन्ह देखने छथि ।