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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - इतिहास मक्का में इस्लाम का प्रारंभिक इतिहास इसरा' और मि'राज घटना पैगम्बर ने जिब्रील अलैहिस्सलाम को उनके मूल रूप में देखा

श्लोक खोज परिणाम :
कुल श्लोक : 5
14
Q.S एक-नाज़म (53:14)

عِنْدَ سِدْرَةِ الْمُنْتَهٰى

‘inda sidratil-muntahā.

सिदरतुल मुन्तहा के पास,


15
Q.S एक-नाज़म (53:15)

عِنْدَهَا جَنَّةُ الْمَأْوٰىۗ

‘indahā jannatul-ma'wā.

जो जन्नतुल मअवा (रहने की जन्नत) के करीब है,


16
Q.S एक-नाज़म (53:16)

اِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشٰىۙ

iż yagsyas-sidrata mā yagsyā.

जब सिदरतुल मुन्तहा को (प्रकाश और रहस्यों ने) ढक लिया था,


17
Q.S एक-नाज़म (53:17)

مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغٰى

mā zāgal-baṣaru wa mā ṭagā.

उसकी (मुहम्मद की) नज़र न तो भटकी और न हद से आगे बढ़ी,


18
Q.S एक-नाज़म (53:18)

لَقَدْ رَاٰى مِنْ اٰيٰتِ رَبِّهِ الْكُبْرٰى

laqad ra'ā min āyāti rabbihil-kubrā.

निश्चय ही, उसने अपने रब की सबसे बड़ी निशानियों में से कुछ देखीं,