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Q.S अन-नजम (53:14)
عِنْدَ سِدْرَةِ الْمُنْتَهٰى
‘inda sidratil-muntahā.
(अर्थात) सिद्रतुल मुंताहा विच,
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Q.S अन-नजम (53:16)
اِذْ يَغْشَى السِّدْرَةَ مَا يَغْشٰىۙ
iż yagsyas-sidrata mā yagsyā.
(मुहम्मद ने जिब्रिल नू वेखया) जदों सिदरतिल ने उल्टी कीती ते उस नूं ढकण वाली किसे चीज नाल अभिभूत हो गया,
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Q.S अन-नजम (53:17)
مَا زَاغَ الْبَصَرُ وَمَا طَغٰى
mā zāgal-baṣaru wa mā ṭagā.
उहदा (मुहम्मद दा) दर्शन उहनां ने जो वेख्या सी उस तों विचलित नहीं सी ते ना ही (न ही) उस तों परे गया।
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Q.S अन-नजम (53:18)
لَقَدْ رَاٰى مِنْ اٰيٰتِ رَبِّهِ الْكُبْرٰى
laqad ra'ā min āyāti rabbihil-kubrā.
सचमुच उसने अपने रब दे कुछ वड्डे निशान दिक्खे हन।