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Q.S अत-तौबाह (9:128)
لَقَدْ جَاۤءَكُمْ رَسُوْلٌ مِّنْ اَنْفُسِكُمْ عَزِيْزٌ عَلَيْهِ مَا عَنِتُّمْ حَرِيْصٌ عَلَيْكُمْ بِالْمُؤْمِنِيْنَ رَءُوْفٌ رَّحِيْمٌ
laqad jā'akum rasūlum min anfusikum ‘azīzun ‘alaihi mā ‘anittum ḥarīṣun ‘alaikum bil-mu'minīna ra'ūfur raḥīm(un).
सचमुच, अहाँक अपनहि लोकक एकटा दूत आबि गेल अछि, अहाँ जे दुख भोगि रहल छी से भारी अछि, (ओ) अहाँक लेल वास्तव मे (विश्वास आ उद्धार) चाहैत अछि, विश्वास करय बला लोकक प्रति दयालु आ दयालु अछि।