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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Sejarah Sejarah Di Madinah Peperangan Perang Badar Harta rampasan perang Badar

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Q.S अल-अनफल (8:1)

يَسْـَٔلُوْنَكَ عَنِ الْاَنْفَالِۗ قُلِ الْاَنْفَالُ لِلّٰهِ وَالرَّسُوْلِۚ فَاتَّقُوا اللّٰهَ وَاَصْلِحُوْا ذَاتَ بَيْنِكُمْ ۖوَاَطِيْعُوا اللّٰهَ وَرَسُوْلَهٗٓ اِنْ كُنْتُمْ مُّؤْمِنِيْنَ

yas'alūnaka ‘anil-anfāl(i), qulil-anfālu lillāhi war-rasūl(i), fattaqullāha wa aṣliḥū żāta bainikum, wa aṭī‘ullāha wa rasūlahū in kuntum mu'minīn(a).

ओ सब अहाँ (मुहम्मद) स युद्ध के लूट के (बंटवारा) के बारे में पूछैत छथि। कहब, "युद्ध के लूट अल्लाह आ रसूलुल्लाह के अछि (अल्लाह आ हुनकर रसूलुल्लाह के प्रावधान के अनुसार), ताहि लेल अल्लाह स डरू आ अपन पड़ोसी के बीच संबंध सुधारू, आ अगर अहां मुसलमान छी त अल्लाह आ हुनकर रसूलुल्लाह के आज्ञा मानू।"


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Q.S अल-अनफल (8:41)

۞ وَاعْلَمُوْٓا اَنَّمَا غَنِمْتُمْ مِّنْ شَيْءٍ فَاَنَّ لِلّٰهِ خُمُسَهٗ وَلِلرَّسُوْلِ وَلِذِى الْقُرْبٰى وَالْيَتٰمٰى وَالْمَسٰكِيْنِ وَابْنِ السَّبِيْلِ اِنْ كُنْتُمْ اٰمَنْتُمْ بِاللّٰهِ وَمَآ اَنْزَلْنَا عَلٰى عَبْدِنَا يَوْمَ الْفُرْقَانِ يَوْمَ الْتَقَى الْجَمْعٰنِۗ وَاللّٰهُ عَلٰى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيْرٌ

wa‘lamū annamā ganimtum min syai'in fa anna lillāhi khumusahū wa lir-rasūli wa liżil-qurbā wal-yatāmā wal-masākīni wabnis-sabīli in kuntum āmantum billāhi wa mā anzalnā ‘alā ‘abdinā yaumal-furqāni yaumal-taqal-jam‘ān(i), wallāhu ‘alā kulli syai'in qadīr(un).

आ जानू, सच मे, जे किछु अहाँ केँ युद्धक लूट के रूप मे भेटैत अछि, तखन एक पाँचम हिस्सा अल्लाह, रसूलुल्लाह, रसूलुल्लाह के रिश्तेदार, अनाथ, गरीब आ इब्न सबिल के लेल अछि, (त) जँ अहाँ अल्लाह पर विश्वास करैत छी आ ओहि बात पर विश्वास करैत छी जे हम फुरकान के दिन अपन सेवक (मुहम्मद) के सामने उतारने रही, अर्थात ओहि दिन जखन दुनू सेना के भेंट भेल छल। अल्लाह सब किछु पर सर्वशक्तिमान छथि।