इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Mu'amalah Hadiah Sedekah Minta Sedekah Menahan diri dari minta sedekah

आयत खोज परिणाम :
कुल आयत : 1
273
Q.S अल-बकराह (2:273)

لِلْفُقَرَاۤءِ الَّذِيْنَ اُحْصِرُوْا فِيْ سَبِيْلِ اللّٰهِ لَا يَسْتَطِيْعُوْنَ ضَرْبًا فِى الْاَرْضِۖ يَحْسَبُهُمُ الْجَاهِلُ اَغْنِيَاۤءَ مِنَ التَّعَفُّفِۚ تَعْرِفُهُمْ بِسِيْمٰهُمْۚ لَا يَسْـَٔلُوْنَ النَّاسَ اِلْحَافًا ۗوَمَا تُنْفِقُوْا مِنْ خَيْرٍ فَاِنَّ اللّٰهَ بِهٖ عَلِيْمٌ ࣖ

lil-fuqarā'il-lażīna uḥṣirū fī sabīlillāhi lā yastaṭī‘ūna ḍarban fil-arḍi yaḥsabuhumul-jāhilu agniyā'a minat-ta‘affuf(i), ta‘rifuhum bisīmāhum, lā yas'alūnan-nāsa ilḥāfā(n), wa mā tunfiqū min khairin fa innallāha bihī ‘alīm(un).

(अहाँ जे खर्च करैत छी) ओ गरीब लोकक लेल अछि जे अल्लाहक रास्ता मे (जिहादक कारण अपन प्रयास मे) बाधा उत्पन्न होइत अछि, जाहि सँ ओ पृथ्वी पर प्रयास करबा मे असमर्थ अछि; (अन्य लोक) जे नहि जनैत छथि, हुनका धनिक लोक बुझैत छथि, कारण ओ अपना केँ (भीख मांगबा सँ) पहरा दैत छथि | अहाँ (मुहम्मद) हुनका सब के हुनकर विशेषता स जनैत छी, ओ सब जबरदस्ती दोसर स नहि मांगैत छथि। अहाँ जे किछु नीक धन लगाउ, सचमुच अल्लाह सर्वज्ञ छथि।