इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरान अर हदीस
(साचो इस्लाम)



विषय - Makan dan Minum Makanan Penyembelihan Cara menyembelih Membaca bismillah sebelum menyembelih

आयत खोज परिणाम :
कुल आयत : 3
115
Q.S अन-नाहल (16:115)

اِنَّمَا حَرَّمَ عَلَيْكُمُ الْمَيْتَةَ وَالدَّمَ وَلَحْمَ الْخِنْزِيْرِ وَمَآ اُهِلَّ لِغَيْرِ اللّٰهِ بِهٖۚ فَمَنِ اضْطُرَّ غَيْرَ بَاغٍ وَّلَا عَادٍ فَاِنَّ اللّٰهَ غَفُوْرٌ رَّحِيْمٌ

innamā ḥarrama ‘alaikumul-maitata wad-dama wa laḥmal-khinzīri wa mā uhilla ligairillāhi bih(ī), famaniḍṭurra gaira bāgiw wa lā ‘ādin fa innallāha gafūrur raḥīm(un).

साची, अल्लाह थानै फगत लाश, खून, सूअर रो मांस अर (जानवर) नै अल्लाह रै अलावा (नाम लेता थका) काटबा सूं मना कर दियो है, पण जिणनै कोई भी खाबा नै मजबूर करियो जावै है क्यूंकै वो इणनै चावै है अर सीमा सूं भी ज्यादा नीं है, तो साची में, अल्लाह सबसूं माफी देवण आळो अर सबसूं दयालु है।


34
Q.S अल-हज (22:34)

وَلِكُلِّ اُمَّةٍ جَعَلْنَا مَنْسَكًا لِّيَذْكُرُوا اسْمَ اللّٰهِ عَلٰى مَا رَزَقَهُمْ مِّنْۢ بَهِيْمَةِ الْاَنْعَامِۗ فَاِلٰهُكُمْ اِلٰهٌ وَّاحِدٌ فَلَهٗٓ اَسْلِمُوْاۗ وَبَشِّرِ الْمُخْبِتِيْنَ ۙ

wa likulli ummatin ja‘alnā mansakal liyażkurusmallāhi ‘alā mā razaqahum mim bahīmatil-an‘ām(i), fa ilāhukum ilāhuw wāḥidun fa lahū aslimū, wa basysyiril-mukhbitīn(a).

अर हरेक मिनख रै वास्तै आपां वध (बलिदान) तय करियो है, ताकि वे अल्लाह रो नाम ले सकै, जिण रोजी रोटी अल्लाह बांनै पशुधन रै रूप में दी है। तो थारो परमेश्बर सर्वशक्तिमान परमेश्बर है, इण वास्तै उणरै सामी आत्मसमर्पण कर दो। अर इणनै (मुहम्मद) आज्ञाकारीता सूं (अल्लाह रै) आधीन होवण वाळा नै आच्छी खबर पूगाओ,


36
Q.S अल-हज (22:36)

وَالْبُدْنَ جَعَلْنٰهَا لَكُمْ مِّنْ شَعَاۤىِٕرِ اللّٰهِ لَكُمْ فِيْهَا خَيْرٌۖ فَاذْكُرُوا اسْمَ اللّٰهِ عَلَيْهَا صَوَاۤفَّۚ فَاِذَا وَجَبَتْ جُنُوْبُهَا فَكُلُوْا مِنْهَا وَاَطْعِمُوا الْقَانِعَ وَالْمُعْتَرَّۗ كَذٰلِكَ سَخَّرْنٰهَا لَكُمْ لَعَلَّكُمْ تَشْكُرُوْنَ

wal-budna ja‘alnāhā lakum min sya‘ā'irillāhi lakum fīhā khair(un), fażkurusmallāhi ‘alaihā ṣawāff(a), fa iżā wajabat junūbuhā fa kulū minhā wa aṭ‘imul-qāni‘a wal-mu‘tarr(a), każālika sakhkharnāhā lakum la‘allakum tasykurūn(a).

अर म्हे थारै वास्तै आं ऊंटां नै अल्लाह रै धरम रै संदेश रो हिस्सो बणायो है, थनै बां सूं घणी भलाई मिलैला। तो खड़्या होर अल्लाह रो नाम बोलो (जद थै इणनै वध करणो चावो हो) (अर पगां नै बांध दियो जावै)। फेर जद ओ पड़ जावै (मर जावै) तो फेर थोड़ो सो खाओ अर उण मिनख नै खिलाओ जिको आपरै कनै है (कोई नीं पूछै) अर जिको पूछै उण नै खिलाओ। इण भांत म्हे (ऊँट) थारै अधीन कर दिया, ताकि थै आभारी हो सको।