29
Q.S ता-हा के बा (20:29)
وَاجْعَلْ لِّيْ وَزِيْرًا مِّنْ اَهْلِيْ ۙ
waj‘al lī wazīram min ahlī.
आ हमरा के अपना परिवार के नौकर बना दीं,
31
Q.S ता-हा के बा (20:31)
اشْدُدْ بِهٖٓ اَزْرِيْ ۙ
usydud bihī azrī.
ओकरा (अस्तित्व) से हमार ताकत मजबूत करीं,
32
Q.S ता-हा के बा (20:32)
وَاَشْرِكْهُ فِيْٓ اَمْرِيْ ۙ
wa asyrik-hu fī amrī.
आ हमरा काम में ओकरा के दोस्त बना दीं,