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Q.S अल कमर (54:18)
كَذَّبَتْ عَادٌ فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِيْ وَنُذُرِ
każżabat ‘ādun fa kaifa kāna ‘ażābī wa nużur(i).
आद की कौम ने भी (चेतावनी को) झुठलाया। तो मेरा अज़ाब और मेरी चेतावनी कितनी भयानक थी!,
كَذَّبَتْ عَادٌ فَكَيْفَ كَانَ عَذَابِيْ وَنُذُرِ
każżabat ‘ādun fa kaifa kāna ‘ażābī wa nużur(i).
आद की कौम ने भी (चेतावनी को) झुठलाया। तो मेरा अज़ाब और मेरी चेतावनी कितनी भयानक थी!,