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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - नैतिकता और शिष्टाचार नैतिकता और सामान्य अधिकार बोलने की नैतिकता काव्य रचना वर्जित कविता

श्लोक खोज परिणाम :
कुल श्लोक : 3
224
Q.S ऐश-शुअरा (26:224)

وَالشُّعَرَاۤءُ يَتَّبِعُهُمُ الْغَاوٗنَ ۗ

wasy-syu‘arā'u yattabi‘uhumul-gāwūn(a).

और शायरों के पीछे गुमराह लोग चलते हैं।


225
Q.S ऐश-शुअरा (26:225)

اَلَمْ تَرَ اَنَّهُمْ فِيْ كُلِّ وَادٍ يَّهِيْمُوْنَ ۙ

alam tara annahum fī kulli wādiy yahīmūn(a).

क्या तुम नहीं देखते कि वे हर वादी में भटकते हैं?


226
Q.S ऐश-शुअरा (26:226)

وَاَنَّهُمْ يَقُوْلُوْنَ مَا لَا يَفْعَلُوْنَ ۙ

wa annahum yaqūlūna mā lā yaf‘alūn(a).

और यह कि वे वह कहते हैं जो वे खुद नहीं करते?