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Q.S अल-अनफल के ह (8:58)
وَاِمَّا تَخَافَنَّ مِنْ قَوْمٍ خِيَانَةً فَانْۢبِذْ اِلَيْهِمْ عَلٰى سَوَاۤءٍۗ اِنَّ اللّٰهَ لَا يُحِبُّ الْخَاۤىِٕنِيْنَ ࣖ
wa immā takhāfanna min qaumin khiyānatan fambiż ilaihim ‘alā sawā'(in), innallāha lā yuḥibbul-khā'inīn(a).
आ अगर रउरा (मुहम्मद) कवनो समूह से धोखा (घटना के) चिंता में बानी त ईमानदार तरीका से ओह लोग के समझौता वापस कर दीं. सचमुच अल्लाह के धोखा देवे वाला लोग पसंद नईखन करत