133
Q.S अल-अ'रफ के ह (7:133)
فَاَرْسَلْنَا عَلَيْهِمُ الطُّوْفَانَ وَالْجَرَادَ وَالْقُمَّلَ وَالضَّفَادِعَ وَالدَّمَ اٰيٰتٍ مُّفَصَّلٰتٍۗ فَاسْتَكْبَرُوْا وَكَانُوْا قَوْمًا مُّجْرِمِيْنَ
fa arsalnā ‘alaihimuṭ-ṭūfāna wal-jarāda wal-qummala waḍ-ḍafādi‘a wad-dama āyātim mufaṣṣalāt(in), fastakbarū wa kānū qaumam mujrimīn(a).
त हमनी के ओह लोग पर तूफान, टिड्डी, जूँ, बेंग आ खून (पीये के पानी खून में बदल गइल) के साफ संकेत के रूप में भेजनी जा, लेकिन उ लोग अहंकारी रहल आ उ लोग पापी लोग रहे।