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Q.S अध-धारियत (51:47)
وَالسَّمَاۤءَ بَنَيْنٰهَا بِاَيْىدٍ وَّاِنَّا لَمُوْسِعُوْنَ
was-samā'a banaināhā bi'aidiw wa innā lamūsi‘ūn(a).
आ आकाश के हम (अपन) शक्ति स बनौने रही, आ ओकरा सचमुच विस्तार देलहुं।
وَالسَّمَاۤءَ بَنَيْنٰهَا بِاَيْىدٍ وَّاِنَّا لَمُوْسِعُوْنَ
was-samā'a banaināhā bi'aidiw wa innā lamūsi‘ūn(a).
आ आकाश के हम (अपन) शक्ति स बनौने रही, आ ओकरा सचमुच विस्तार देलहुं।