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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Ilmu Ilmu Hadis Meneliti kesahihan hadis

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कुल आयत : 2
83
Q.S अन-निसा के बा (4:83)

وَاِذَا جَاۤءَهُمْ اَمْرٌ مِّنَ الْاَمْنِ اَوِ الْخَوْفِ اَذَاعُوْا بِهٖ ۗ وَلَوْ رَدُّوْهُ اِلَى الرَّسُوْلِ وَاِلٰٓى اُولِى الْاَمْرِ مِنْهُمْ لَعَلِمَهُ الَّذِيْنَ يَسْتَنْۢبِطُوْنَهٗ مِنْهُمْ ۗ وَلَوْلَا فَضْلُ اللّٰهِ عَلَيْكُمْ وَرَحْمَتُهٗ لَاتَّبَعْتُمُ الشَّيْطٰنَ اِلَّا قَلِيْلًا

wa iżā jā'ahum amrum minal-amni awil-khaufi ażā‘ū bih(ī), wa lau ruddūhu ilar-rasūli wa ilā ulil-amri minhum la‘alimahul-lażīna yastambiṭūnahū minhum, wa lau lā faḍlullāhi ‘alaikum wa raḥmatuhū lattaba‘tumusy-syaiṭāna illā qalīlā(n).

आ अगर सुरक्षा भा डर के खबर ओह लोग का लगे चहुँप जाव त ऊ लोग (तुरंत) ओकरा के प्रसारित कर देला. (असल में) अगर उ लोग एकरा के ओ लोग के बीच के रसूल अवुरी उलील अमरी के सौंप देले त निश्चित रूप से जवन लोग सच्चाई के जानल चाहत रहले (आधिकारिक तौर प) उनुका (रसूल अवुरी उलील अमरी) से पता चलतारे। अगर रउरा पर अल्लाह के कृपा आ दया ना रहित त रउरा शैतान के पीछे चल गइल रहतीं, सिवाय कुछ संख्या (रउरा में) के।


6
Q.S अल-हुजुरात के ह (49:6)

يٰٓاَيُّهَا الَّذِيْنَ اٰمَنُوْٓا اِنْ جَاۤءَكُمْ فَاسِقٌۢ بِنَبَاٍ فَتَبَيَّنُوْٓا اَنْ تُصِيْبُوْا قَوْمًاۢ بِجَهَالَةٍ فَتُصْبِحُوْا عَلٰى مَا فَعَلْتُمْ نٰدِمِيْنَ

yā ayyuhal-lażīna āmanū in jā'akum fāsiqum binaba'in fa tabayyanū an tuṣībū qaumam bijahālatin fa tuṣbiḥū ‘alā mā fa‘altum nādimīn(a).

हे विश्वास करे वाला लोग! अगर कवनो दुष्ट आदमी कवनो खबर लेके रउरा लगे आवे त ओकर सच्चाई के पता लगा लीं कि कहीं अज्ञानता से कवनो लोग के नुकसान मत पहुँचा दीं आ फेर अपना कइल काम खातिर पछतावा मत हो जाईं.