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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - ज्ञान विज्ञान परिषदों में नैतिकता गलत साबित होने पर शिक्षक को डांटें

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कुल श्लोक : 3
71
Q.S अल Kahf (18:71)

فَانْطَلَقَاۗ حَتّٰٓى اِذَا رَكِبَا فِى السَّفِيْنَةِ خَرَقَهَاۗ قَالَ اَخَرَقْتَهَا لِتُغْرِقَ اَهْلَهَاۚ لَقَدْ جِئْتَ شَيْـًٔا اِمْرًا

fanṭalaqā, ḥattā iżā rakibā fis-safīnati khara ahā, qāla akharaqtahā litugriqa ahlahā, laqad ji'ta syai'an imrā(n).

तो वे दोनों चले, यहाँ तक कि जब वे एक नाव में सवार हुए, तो उसने (उस बन्दे ने) उसमें छेद कर दिया। मूसा ने कहा, 'क्या तुमने उसमें छेद कर दिया ताकि उसमें सवार लोगों को डुबो दो? निश्चित रूप से तुमने बहुत बड़ी बात की।'


74
Q.S अल Kahf (18:74)

فَانْطَلَقَا ۗحَتّٰٓى اِذَا لَقِيَا غُلٰمًا فَقَتَلَهٗ ۙقَالَ اَقَتَلْتَ نَفْسًا زَكِيَّةً؈ۢبِغَيْرِ نَفْسٍۗ لَقَدْ جِئْتَ شَيْـًٔا نُّكْرًا ۔

fanṭalaqā, ḥattā iżā laqiyā gulāman fa qatalah(ū), qāla aqatalta nafsan zakiyyatam bigairi nafs(in), laqad ji'ta syai'an nukrā(n).

तो वे दोनों चले, यहाँ तक कि जब वे एक नौजवान से मिले, तो उसने उसे मार डाला। मूसा ने कहा, 'क्या तुमने एक बेगुनाह जान को मार डाला, जो किसी की हत्या के बदले नहीं थी? निश्चित रूप से तुमने बहुत नापसंदीदा काम किया।'


77
Q.S अल Kahf (18:77)

فَانْطَلَقَا ۗحَتّٰىٓ اِذَآ اَتَيَآ اَهْلَ قَرْيَةِ ِۨاسْتَطْعَمَآ اَهْلَهَا فَاَبَوْا اَنْ يُّضَيِّفُوْهُمَا فَوَجَدَا فِيْهَا جِدَارًا يُّرِيْدُ اَنْ يَّنْقَضَّ فَاَقَامَهٗ ۗقَالَ لَوْ شِئْتَ لَتَّخَذْتَ عَلَيْهِ اَجْرًا

fanṭalaqā, ḥattā iżā atayā ahla qaryatinistaṭ‘amā ahlahā fa abau ay yuḍayyifūhumā fa wajadā fīhā jidāray yurīdu ay yaqaḍḍa fa aqāmah(ū), qāla lau syi'ta lattakhażta ‘alaihi ajrā(n).

तो वे दोनों चले, यहाँ तक कि जब वे एक बस्ती के लोगों के पास पहुँचे, तो उन्होंने उनसे मेहमाननवाज़ी माँगी, लेकिन उन्होंने उन्हें मेहमान बनाने से इंकार कर दिया। फिर उन्होंने वहाँ एक दीवार पाई जो गिरने वाली थी, तो उसने उसे ठीक कर दिया। मूसा ने कहा, 'अगर तुम चाहते, तो इसके लिए कुछ मज़दूरी ले सकते थे।'