इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - नैतिकता और शिष्टाचार नैतिकता महान नैतिकता अल्लाह SWT की वजह से प्यार लोगों का भला करना पसंद है, आस्था का हिस्सा

श्लोक खोज परिणाम :
कुल श्लोक : 1
10
Q.S अल हश्र (59:10)

وَالَّذِيْنَ جَاۤءُوْ مِنْۢ بَعْدِهِمْ يَقُوْلُوْنَ رَبَّنَا اغْفِرْ لَنَا وَلِاِخْوَانِنَا الَّذِيْنَ سَبَقُوْنَا بِالْاِيْمَانِ وَلَا تَجْعَلْ فِيْ قُلُوْبِنَا غِلًّا لِّلَّذِيْنَ اٰمَنُوْا رَبَّنَآ اِنَّكَ رَءُوْفٌ رَّحِيْمٌ ࣖ

wal-lażīna jā'ū mim ba‘dihim yaqūlūna rabbanagfir lanā wa li'ikhwāninal-lażīna sabaqūnā bil-īmāni wa lā taj‘al fī qulūbinā gillal lil-lażīna āmanū rabbanā innaka ra'ūfur raḥīm(un).

और जो लोग उनके बाद आए (मुहाजिर और अंसार), वे कहते हैं, 'ऐ हमारे रब, हमें और हमारे उन भाइयों को माफ कर दे जिन्होंने हमसे पहले ईमान लाया, और हमारे दिलों में ईमान वालों के लिए कोई हसद न डाल। ऐ हमारे रब, निश्चित रूप से, तू बहुत मेहरबान, बहुत रहम करने वाला है।'