71
Q.S मरयम (19:71)
وَاِنْ مِّنْكُمْ اِلَّا وَارِدُهَا ۚ كَانَ عَلٰى رَبِّكَ حَتْمًا مَّقْضِيًّا ۚ
wa im minkum illā wāriduhā, kāna ‘alā rabbika ḥatmam maqḍiyyā(n).
और तुम में से कोई भी ऐसा नहीं जो उस (जहन्नम) के पास से न गुज़रे। यह तेरे रब के लिए एक तय किया हुआ फैसला है।
72
Q.S मरयम (19:72)
ثُمَّ نُنَجِّى الَّذِيْنَ اتَّقَوْا وَّنَذَرُ الظّٰلِمِيْنَ فِيْهَا جِثِيًّا
Ṡumma nunajjil-lażīnattaqau wa nażaruẓ-ẓālimīna fīhā jiṡiyyā(n).
फिर हम उन लोगों को बचा लेंगे जो तकवा वाले हैं, और ज़ालिमों को उसी में घुटनों के बल छोड़ देंगे।