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Q.S अन-निसा के बा (4:35)
وَاِنْ خِفْتُمْ شِقَاقَ بَيْنِهِمَا فَابْعَثُوْا حَكَمًا مِّنْ اَهْلِهٖ وَحَكَمًا مِّنْ اَهْلِهَا ۚ اِنْ يُّرِيْدَآ اِصْلَاحًا يُّوَفِّقِ اللّٰهُ بَيْنَهُمَا ۗ اِنَّ اللّٰهَ كَانَ عَلِيْمًا خَبِيْرًا
wa in khiftum syiqāqa bainihimā fab‘aṡū ḥakamam min ahlihī wa ḥakamam min ahlihā, iy yurīdā iṣlāḥay yuwaffiqillāhu bainahumā, innallāha kāna ‘alīman khabīrā(n).
आ अगर रउरा ओह लोग का बीच विवाद के डर बा त ओह आदमी के परिवार से एगो शांतिप्रिय आ ओह औरत के परिवार से एगो शांतिप्रिय भेजीं. अगर दुनु जने के इरादा सुलह करे के बा त अल्लाह ओह लोग के सफलता जरूर दे दीहें. दरअसल अल्लाह सर्वविदित, सर्वज्ञ हवें।