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Q.S अन-निसा के बा (4:58)
۞ اِنَّ اللّٰهَ يَأْمُرُكُمْ اَنْ تُؤَدُّوا الْاَمٰنٰتِ اِلٰٓى اَهْلِهَاۙ وَاِذَا حَكَمْتُمْ بَيْنَ النَّاسِ اَنْ تَحْكُمُوْا بِالْعَدْلِ ۗ اِنَّ اللّٰهَ نِعِمَّا يَعِظُكُمْ بِهٖ ۗ اِنَّ اللّٰهَ كَانَ سَمِيْعًاۢ بَصِيْرًا
innallāha ya'murukum an tu'addul-amānāti ilā ahlihā, wa iżā ḥakamtum bainan-nāsi an taḥkumū bil-‘adl(i), innallāha ni‘immā ya‘iẓukum bih(ī), innallāha kāna samī‘am baṣīrā(n).
सचहूँ अल्लाह रउरा से आदेश देत बाड़न कि जे लोग ओकरा के पावे के हकदार बा ओकरा के कवनो संदेश दीं आ जब रउरा लोग का बीच कवनो कानून स्थापित करीं त ओकरा के निष्पक्ष तरीका से स्थापित करे के पड़ी. सचमुच अल्लाह सबसे बढ़िया बाड़े जे रउआ के सिखावेले। दरअसल अल्लाह सब सुननिहार, सब देखनिहार हवें।