1
Q.S अल-फिल (105:1)
اَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِاَصْحٰبِ الْفِيْلِۗ
alam tara kaifa fa‘ala rabbuka bi'aṣḥābil-fīl(i).
की अहाँ (मुहम्मद) के ध्यान नै गेल अछि जे अहाँक प्रभु हाथी के सेना के प्रति कोना व्यवहार केने छथि ?
2
Q.S अल-फिल (105:2)
اَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِيْ تَضْلِيْلٍۙ
alam yaj‘al kaidahum fī taḍlīl(in).
की ओ हुनका सभक छल केँ बेकार नहि बना देने छथि?
3
Q.S अल-फिल (105:3)
وَّاَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا اَبَابِيْلَۙ
wa arsala ‘alaihim ṭairan abābīl(a).
ओ ओकरा सभ पर चिड़ै सभक झुंड पठौलनि।
4
Q.S अल-फिल (105:4)
تَرْمِيْهِمْ بِحِجَارَةٍ مِّنْ سِجِّيْلٍۙ
tarmīhim biḥijāratim min sijjīl(in).
जे ओकरा सभ पर पकाओल माटिक पाथर फेकैत छल।
5
Q.S अल-फिल (105:5)
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍ مَّأْكُوْلٍ ࣖ
fa ja‘alahum ka‘aṣfim ma'kūl(in).
जाहि सँ ओ ओकरा सभ केँ खाय लेल पात (कैटरपिलर) जकाँ बना देलनि |