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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - आस्था के 6 स्तंभ अल्लाह (आस्था का स्तंभ क्रमांक 1) भगवान के नाम और गुण अल-मुईद

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Q.S जोनाह (10:4)

اِلَيْهِ مَرْجِعُكُمْ جَمِيْعًاۗ وَعْدَ اللّٰهِ حَقًّاۗ اِنَّهٗ يَبْدَؤُا الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيْدُهٗ لِيَجْزِيَ الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَعَمِلُوا الصّٰلِحٰتِ بِالْقِسْطِۗ وَالَّذِيْنَ كَفَرُوْا لَهُمْ شَرَابٌ مِّنْ حَمِيْمٍ وَّعَذَابٌ اَلِيْمٌ ۢبِمَا كَانُوْا يَكْفُرُوْنَ

ilaihi marji‘ukum jamī‘ā(n), wa‘dallāhi ḥaqqā(n), innahū yabda'ul-khalqa ṡumma yu‘īduhū liyajziyal-lażīna āmanū wa ‘amiluṣ-ṣāliḥāti bil-qisṭ(i), wal-lażīna kafarū lahum syarābum min ḥamīmiw wa ‘ażābun alīmum bimā kānū yakfurūn(a).

उसी की ओर तुम सबकी वापसी होगी। यह अल्लाह का सच्चा और निश्चित वादा है। निश्चय ही वही प्राणियों की रचना शुरू करता है, फिर उसे दोहराता है (पुनर्जनन करता है), ताकि वह ईमान वालों और नेक कार्य करने वालों को न्याय के साथ प्रतिफल दे। और काफ़िरों के लिए (तैयार है) उबलता हुआ पानी और दुखदायी यातना, क्योंकि वे काफ़िर थे।