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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - आस्था के 6 स्तंभ पैगंबर और प्रेरित (विश्वास का स्तंभ संख्या 4) पैगम्बर शलल्लाहु अलैहि वसल्लम की सहाबियाह। उम्म जमील (अरवा बिनती हर्ब)

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कुल श्लोक : 5
1
Q.S अल-मसद्द (111:1)

تَبَّتْ يَدَآ اَبِيْ لَهَبٍ وَّتَبَّۗ

tabbat yadā abī lahabiw wa tabb(a).

अबू लहब के दोनों हाथ नष्ट हो जाएँ और वह स्वयं नष्ट हो गया!


2
Q.S अल-मसद्द (111:2)

مَآ اَغْنٰى عَنْهُ مَالُهٗ وَمَا كَسَبَۗ

mā agnā ‘anhu māluhū wa mā kasab(a).

उसके धन और उसकी कमाई ने उसे कोई लाभ नहीं दिया।


3
Q.S अल-मसद्द (111:3)

سَيَصْلٰى نَارًا ذَاتَ لَهَبٍۙ

sayaṣlā nāran żāta lahab(in).

वह जल्दी ही भड़कती आग (नरक) में प्रवेश करेगा।


4
Q.S अल-मसद्द (111:4)

وَّامْرَاَتُهٗ ۗحَمَّالَةَ الْحَطَبِۚ

wamra'atuh(ū), ḥammālatal-ḥaṭab(i).

और उसकी पत्नी भी, जो लकड़ी ढोने वाली (फितना फैलाने वाली) है।


5
Q.S अल-मसद्द (111:5)

فِيْ جِيْدِهَا حَبْلٌ مِّنْ مَّسَدٍ ࣖ

fī jīdihā ḥablum mim masad(in).

उसके गले में खजूर की रस्सी का फंदा होगा।