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Q.S अल-वाकिआह (56:1)
اِذَا وَقَعَتِ الْوَاقِعَةُۙ
iżā waqa‘atil-wāqi‘ah(tu).
जखन क़यामतक दिन होइत अछि, .
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Q.S अल-वाकिआह (56:3)
خَافِضَةٌ رَّافِعَةٌ
khāfiḍatur rāfi‘ah(tun).
(घटना) विनम्र (एक समूह) आ ऊंचा (दोसर समूह)।