इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
इस्लाम अल-हक: कुरान अर हदीस
(साचो इस्लाम)



विषय - Islam Pembatal Keislaman Yang Menyebabkan Kemunduran Umat Islam Menghina atau mengingkari Allah, Rasul-Nya, Al-Qur'an Menghina atau mengingkari Allah

आयत खोज परिणाम :
कुल आयत : 2
65
Q.S अट-तवबाह (9:65)

وَلَىِٕنْ سَاَلْتَهُمْ لَيَقُوْلُنَّ اِنَّمَا كُنَّا نَخُوْضُ وَنَلْعَبُۗ قُلْ اَبِاللّٰهِ وَاٰيٰتِهٖ وَرَسُوْلِهٖ كُنْتُمْ تَسْتَهْزِءُوْنَ

wa la'in sa'altahum layaqūlunna innamā kunnā nakhūḍū wa nal‘ab(u), qul abillāhi wa āyātihī wa rasūlihī kuntum tastahzi'ūn(a).

अर जे थै बांनै पूछोला तो बै जरूर जवाब देवेला, "असल में, म्हे तो बस मजाक कर रैया हा अर खेल रैया हा।" कैवो, "थै हमेशा अल्लाह अर उणरी आयतां अर उणरै रसूल रो मजाक क्यूं उड़ावो हो?"


66
Q.S अट-तवबाह (9:66)

لَا تَعْتَذِرُوْا قَدْ كَفَرْتُمْ بَعْدَ اِيْمَانِكُمْ ۗ اِنْ نَّعْفُ عَنْ طَاۤىِٕفَةٍ مِّنْكُمْ نُعَذِّبْ طَاۤىِٕفَةً ۢ بِاَنَّهُمْ كَانُوْا مُجْرِمِيْنَ ࣖ

lā ta‘tażirū qad kafartum ba‘da īmānikum, in na‘fu ‘an ṭā'ifatim minkum nu‘ażżib ṭā'ifatam bi'annahum kānū mujrimīn(a).

थानै माफी मांगबा री जरूरत कोनी है, क्यूंकै थै विश्वास करबा रै बाद अविश्वास कर दियो है। जे आपां थारै मांय सूं केई लोगां नै माफ कर देवांला (क्यूंकै वे पश्चाताप कर चुक्या है), तो आपां (दूजा) समूहां नै निश्चित रूप सूं सजा देवांला क्यूंकै वै लोग है जका (हमेशा) पाप करै है।