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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Islam Pembatal Keislaman Yang Menyebabkan Kemunduran Umat Islam Tidak mengkafirkan orang yang dikafirkan Allah dan RasulNya

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कुल आयत : 2
115
Q.S अन-निसा के बा (4:115)

وَمَنْ يُّشَاقِقِ الرَّسُوْلَ مِنْۢ بَعْدِ مَا تَبَيَّنَ لَهُ الْهُدٰى وَيَتَّبِعْ غَيْرَ سَبِيْلِ الْمُؤْمِنِيْنَ نُوَلِّهٖ مَا تَوَلّٰى وَنُصْلِهٖ جَهَنَّمَۗ وَسَاۤءَتْ مَصِيْرًا ࣖ

wa may yusyāqiqir-rasūla mim ba‘di mā tabayyana lahul-hudā wa yattabi‘ gaira sabīlil-mu'minīna nuwallihī mā tawallā wa nuṣlihī jahannam(a), wa sā'at maṣīrā(n).

आ जे रसूलुल्लाह (मुहम्मद) के सच्चाई साफ हो गइला के बाद ओकर विरोध करी, आ अइसन रास्ता पर चले जवन मुसलमानन के रास्ता ना होखे, हमनी के ओकरा के ओह गलती में छोड़ देनी जा जवन ऊ कइले बा आ हमनी के ओकरा के नरक में सौंप देब जा, आ उहे सबसे खराब जगह बा जहाँ वापसी करे के बा।


84
Q.S अत-तवबाह के बा (9:84)

وَلَا تُصَلِّ عَلٰٓى اَحَدٍ مِّنْهُمْ مَّاتَ اَبَدًا وَّلَا تَقُمْ عَلٰى قَبْرِهٖۗ اِنَّهُمْ كَفَرُوْا بِاللّٰهِ وَرَسُوْلِهٖ وَمَاتُوْا وَهُمْ فٰسِقُوْنَ

wa lā tuṣalli ‘alā aḥadim minhum māta abadaw wa lā taqum ‘alā qabrih(ī), innahum kafarū billāhi wa rasūlihī wa mātū wa hum fāsiqūn(a).

आ का रउरा (मुहम्मद) केहू खातिर नमाज मत करीं जे ओह लोग (पाखंडियन) में मर जाव, कबो आ ओकरा कब्र पर ना खड़ा करीं (नमाज) मत करीं. सचमुच उ लोग अल्लाह अवुरी उनुका रसूलुल्लाह के काफर कईले अवुरी उ लोग बुराई के हालत में मर गईले