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Q.S अन-निसा के बा (4:115)
وَمَنْ يُّشَاقِقِ الرَّسُوْلَ مِنْۢ بَعْدِ مَا تَبَيَّنَ لَهُ الْهُدٰى وَيَتَّبِعْ غَيْرَ سَبِيْلِ الْمُؤْمِنِيْنَ نُوَلِّهٖ مَا تَوَلّٰى وَنُصْلِهٖ جَهَنَّمَۗ وَسَاۤءَتْ مَصِيْرًا ࣖ
wa may yusyāqiqir-rasūla mim ba‘di mā tabayyana lahul-hudā wa yattabi‘ gaira sabīlil-mu'minīna nuwallihī mā tawallā wa nuṣlihī jahannam(a), wa sā'at maṣīrā(n).
आ जे रसूलुल्लाह (मुहम्मद) के सच्चाई साफ हो गइला के बाद ओकर विरोध करी, आ अइसन रास्ता पर चले जवन मुसलमानन के रास्ता ना होखे, हमनी के ओकरा के ओह गलती में छोड़ देनी जा जवन ऊ कइले बा आ हमनी के ओकरा के नरक में सौंप देब जा, आ उहे सबसे खराब जगह बा जहाँ वापसी करे के बा।