114
Q.S कनटोप (11:114)
وَاَقِمِ الصَّلٰوةَ طَرَفَيِ النَّهَارِ وَزُلَفًا مِّنَ الَّيْلِ ۗاِنَّ الْحَسَنٰتِ يُذْهِبْنَ السَّيِّاٰتِۗ ذٰلِكَ ذِكْرٰى لِلذّٰكِرِيْنَ
wa aqimiṣ-ṣalāta ṭarafayin-nahāri wa zulafam minal-lail(i), innal-ḥasanāti yużhibnas-sayyi'āt(i), żālika żikrā liż-żākirīn(a).
और दिन के दोनों सिरों (सुबह और शाम) और रात के शुरुआती हिस्सों में नमाज़ कायम करो। नेक कार्य गलतियों को मिटा देते हैं। यह उन लोगों के लिए एक स्मरण है जो हमेशा (अल्लाह को) याद करते हैं।
1
Q.S विज्ञापन-दुहा (93:1)
وَالضُّحٰىۙ
waḍ-ḍuḥā.
दुहा (सुबह के समय जब सूरज थोड़ा ऊपर चढ़ता है) की सौगंध,
2
Q.S विज्ञापन-दुहा (93:2)
وَالَّيْلِ اِذَا سَجٰىۙ
wal-laili iżā sajā.
और रात की सौगंध जब वह शांत हो जाती है,