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Q.S कनटोप (11:59)
وَتِلْكَ عَادٌ ۖجَحَدُوْا بِاٰيٰتِ رَبِّهِمْ وَعَصَوْا رُسُلَهٗ وَاتَّبَعُوْٓا اَمْرَ كُلِّ جَبَّارٍ عَنِيْدٍ
wa tilka ‘ādun jaḥadū bi'āyāti rabbihim wa ‘aṣau rusulahū wattaba‘ū amra kulli jabbārin ‘anīd(in).
और यही (कहानी) आद की कौम की है जिन्होंने अपने रब की निशानियों का इन्कार किया। उन्होंने उसके रसूलों की अवज्ञा की और हर अत्याचारी, विद्रोही शासक के आदेश का पालन किया।