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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - आस्था के 6 स्तंभ प्रलय का दिन (विश्वास का स्तंभ क्रमांक 5) हिमायत विश्वासियों की हिमायत

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कुल श्लोक : 2
87
Q.S मरयम (19:87)

لَا يَمْلِكُوْنَ الشَّفَاعَةَ اِلَّا مَنِ اتَّخَذَ عِنْدَ الرَّحْمٰنِ عَهْدًا ۘ

lā yamlikūnasy-syafā‘ata illā manittakhaża ‘indar-raḥmāni ‘ahdā(n).

उनके पास सिफारिश का कोई हक नहीं होगा, सिवाय उसके जिसने रहमान के पास अहद लिया हो।


86
Q.S अज़-ज़ुख़रुफ़ (43:86)

وَلَا يَمْلِكُ الَّذِيْنَ يَدْعُوْنَ مِنْ دُوْنِهِ الشَّفَاعَةَ اِلَّا مَنْ شَهِدَ بِالْحَقِّ وَهُمْ يَعْلَمُوْنَ

wa lā yamlikul-lażīna yad‘ūna min dūnihisy-syafā‘ata illā man syahida bil-ḥaqqi wa hum ya‘lamūn(a).

और वे लोग जिन्हें अल्लाह के सिवा पुकारते हैं, वे (आख़िरत में) सिफ़ारिश की ताक़त नहीं रखते; सिवाय उस शख़्स के जो हक़ (तौहीद) को मानता है और वे यक़ीन रखते हैं।