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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - आस्था के 6 स्तंभ प्रलय का दिन (विश्वास का स्तंभ क्रमांक 5) तुला भले ही अच्छे और बुरे कर्म कितने भी छोटे क्यों न हों, उन्हें तौला जाएगा

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7
Q.S अज़-ज़लज़लाह (99:7)

فَمَنْ يَّعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًا يَّرَهٗۚ

famay ya‘mal miṡqāla żarratin khairay yarah(ū).

तो जो कोई ज़र्रा बराबर भी भलाई करेगा, वह उसका बदला देखेगा,


8
Q.S अज़-ज़लज़लाह (99:8)

وَمَنْ يَّعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ شَرًّا يَّرَهٗ ࣖ

wa may ya‘mal miṡqāla żarratin syarray yarah(ū).

और जो कोई ज़र्रा बराबर भी बुराई करेगा, वह उसका बदला देखेगा,