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Q.S अन-नामल (27:82)
۞ وَاِذَا وَقَعَ الْقَوْلُ عَلَيْهِمْ اَخْرَجْنَا لَهُمْ دَاۤبَّةً مِّنَ الْاَرْضِ تُكَلِّمُهُمْ اَنَّ النَّاسَ كَانُوْا بِاٰيٰتِنَا لَا يُوْقِنُوْنَ ࣖ
wa iżā waqa‘al-qaulu ‘alaihim akhrajnā lahum dābbatam minal-arḍi tukallimuhum annan-nāsa kānū bi'āyātinā lā yūqinūn(a).
आ जखन शब्द (प्राकृतिक विनाशक समयक प्रावधान) हुनका सभ पर लागू भ' जायत तखन हम सभ पृथ्वी सँ जीवित, चलैत प्राणी सभ केँ बाहर पठा देब जे हुनका सभ केँ कहत जे मनुक्ख पहिने हमरा सभक राशि मे विश्वास नहि करैत छल |