مَاكَانَ لِنَبِيٍّ اَنْ يَّكُوْنَ لَهٗٓ اَسْرٰى حَتّٰى يُثْخِنَ فِى الْاَرْضِۗ تُرِيْدُوْنَ عَرَضَ الدُّنْيَاۖ وَاللّٰهُ يُرِيْدُ الْاٰخِرَةَۗ وَاللّٰهُ عَزِيْزٌحَكِيْمٌ
mā kāna linabiyyin ay yakūna lahū asrā ḥattā yuṡkhina fil-arḍ(i), turīdūna ‘araḍad-dun-yā, wallāhu yurīdul-ākhirah(ta), wallāhu ‘azīzun ḥakīm(un).
कवनो भविष्यवक्ता के धरती पर अपना दुश्मनन के अपंग बनावे से पहिले कैदी होखल उचित ना होई। रउआ दुनिया के संपत्ति के इच्छा करेनी जबकि अल्लाह परलोक (रउरा खातिर) में (इनाम) के इच्छा करेले। अल्लाह सर्वशक्तिमान, सर्वबुद्धिमान हवें।
لَوْلَاكِتٰبٌ مِّنَ اللّٰهِ سَبَقَ لَمَسَّكُمْ فِيْمَآ اَخَذْتُمْ عَذَابٌ عَظِيْمٌ
lau lā kitābum minallāhi sabaqa lamassakum fīmā akhażtum ‘ażābun ‘aẓīm(un).
अगर अल्लाह के ओर से पहिले कवनो फरमान ना रहित त रउआ जवन (फिरौती) लेले बानी ओकरा चलते रउआ के बहुत बड़ यातना के मार पड़ल रहित।
يٰٓاَيُّهَا النَّبِيُّ قُلْ لِّمَنْ فِيْٓ اَيْدِيْكُمْ مِّنَ الْاَسْرٰٓىۙ اِنْ يَّعْلَمِ اللّٰهُ فِيْ قُلُوْبِكُمْ خَيْرًا يُّؤْتِكُمْ خَيْرًا مِّمَّآ اُخِذَ مِنْكُمْ وَيَغْفِرْ لَكُمْۗ وَاللّٰهُ غَفُوْرٌ رَّحِيْمٌ ࣖ
yā ayyuhan-nabiyyu qul liman fī aidīkum minal-asrā, iy ya‘lamillāhu fī qulūbikum khairay yu'tikum khairam mimmā ukhiża minkum wa yagfir lakum, wallāhu gafūrur raḥīm(un).
हे नबी (मुहम्मद) जी! रउरा हाथ में युद्धबंदी से कह दीं कि अगर अल्लाह जानत रहित कि रउरा दिल में भलाई बा त रउरा से जवन कुछ लिहल गइल बा ओकरा से बढ़िया कुछ जरूर दे देत आ रउरा के माफ कर देत. अल्लाह क्षमाशील, परम दयालु हवें।