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Q.S कुरैश (106:2)
اٖلٰفِهِمْ رِحْلَةَ الشِّتَاۤءِ وَالصَّيْفِۚ
´lāfihim riḥlatasy-syitā'i waṣ-ṣaif(i).
(अर्थात) जाड़ आ गर्मी मे यात्रा करबाक हुनकर आदति।
اٖلٰفِهِمْ رِحْلَةَ الشِّتَاۤءِ وَالصَّيْفِۚ
´lāfihim riḥlatasy-syitā'i waṣ-ṣaif(i).
(अर्थात) जाड़ आ गर्मी मे यात्रा करबाक हुनकर आदति।