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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - पिछले राष्ट्र नबियों प्रेरितों की कहानियाँ पैगंबर ज़कारिया ए.एस ज़कारिया पर ईश्वर की दया.

श्लोक खोज परिणाम :
कुल श्लोक : 3
2
Q.S मरयम (19:2)

ذِكْرُ رَحْمَتِ رَبِّكَ عَبْدَهٗ زَكَرِيَّا ۚ

Żikru raḥmati rabbika ‘abdahū zakariyyā.

यह तेरे रब की रहमत का ज़िक्र है जो उसके बन्दे ज़करिया पर हुई।


7
Q.S मरयम (19:7)

يٰزَكَرِيَّآ اِنَّا نُبَشِّرُكَ بِغُلٰمِ ِۨاسْمُهٗ يَحْيٰىۙ لَمْ نَجْعَلْ لَّهٗ مِنْ قَبْلُ سَمِيًّا

yā zakariyyā innā nubasysyiruka bigulāminismuhū yaḥyā, lam naj‘al lahū min qablu samiyyā(n).

(अल्लाह ने फरमाया), 'ऐ ज़करिया! हम तुझे एक बेटे की खुशखबरी देते हैं, जिसका नाम यहया होगा, जिसे हमने पहले कभी ऐसा नाम नहीं दिया।'


8
Q.S मरयम (19:8)

قَالَ رَبِّ اَنّٰى يَكُوْنُ لِيْ غُلٰمٌ وَّكَانَتِ امْرَاَتِيْ عَاقِرًا وَّقَدْ بَلَغْتُ مِنَ الْكِبَرِ عِتِيًّا

qāla rabbi annā yakūnu lī gulāmuw wa kānatimra'atī ‘āqiraw wa qad balagtu minal-kibari ‘itiyyā(n).

उसने कहा, 'ऐ मेरे रब! मेरा बेटा कैसे होगा, जबकि मेरी बीवी बांझ है और मैं खुद बहुत बूढ़ा हो चुका हूँ?'