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Q.S यूसुफ (12:19)
وَجَاۤءَتْ سَيَّارَةٌ فَاَرْسَلُوْا وَارِدَهُمْ فَاَدْلٰى دَلْوَهٗ ۗقَالَ يٰبُشْرٰى هٰذَا غُلٰمٌ ۗوَاَسَرُّوْهُ بِضَاعَةً ۗوَاللّٰهُ عَلِيْمٌ ۢبِمَا يَعْمَلُوْنَ
wa jā'at sayyāratun fa arsalū wāridahum fa adlā dalwah(ū), qāla yā busyrā hāżā gulām(un), wa asarrūhu biḍā‘ah(tan), wallāhu ‘alīmum bimā ya‘malūn(a).
आ यात्रीक एकटा समूह आबि गेल आ ओ सभ एकटा पानि आनय बला बजाबय लेल पठा देलक। तखन लोटा नीचाँ केलनि। ओ बजलाह, “अरे, केहन आनन्द, एतय एकटा युवक अछि!” तखन ओकरा माल-जालक रूप मे नुका दैत छथि। आ अल्लाह ओ सब जे काज करैत छथि ताहि पर सर्वज्ञ छथि।