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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



विषय - Bangsa-bangsa terdahulu Nabi-nabi Kisah-kisah para rasul Nabi Nuh AS Pujian atas Nabi Nuh as

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कुल आयत : 6
3
Q.S अल इस्रा (17:3)

ذُرِّيَّةَ مَنْ حَمَلْنَا مَعَ نُوْحٍۗ اِنَّهٗ كَانَ عَبْدًا شَكُوْرًا

Żurriyyata man ḥamalnā ma‘a nūḥ(in), innahū kāna ‘abdan syakūrā(n).

(हे) जिनका हम नूह के संग अनने रही हुनकर वंशज। सचमुच, ओ (नूह) एकटा (अल्लाह) के सेवक छलाह जे बहुत आभारी छलाह |"


78
Q.S अस-सफ्त (37:78)

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى الْاٰخِرِيْنَ ۖ

wa taraknā ‘alaihi fil-ākhirīn(a).

आ हम सभ बाद मे आयल लोक मे नुह (स्तुति) लेल सुरक्षित रखलहुँ;


79
Q.S अस-सफ्त (37:79)

سَلٰمٌ عَلٰى نُوْحٍ فِى الْعٰلَمِيْنَ

salāmun ‘alā nūḥin fil-‘ālamīn(a).

"समृद्धि (हम सभ दुनियाँ मे नूह केँ देलियैक)।"


80
Q.S अस-सफ्त (37:80)

اِنَّا كَذٰلِكَ نَجْزِى الْمُحْسِنِيْنَ

innā każālika najzil-muḥsinīn(a).

सचमुच, हम सब नीक काज करय वाला के एहि तरहे पुरस्कृत करैत छी।


81
Q.S अस-सफ्त (37:81)

اِنَّهٗ مِنْ عِبَادِنَا الْمُؤْمِنِيْنَ

innahū min ‘ibādinal-mu'minīn(a).

सचमुच, ओ हमरा सभक विश्वासी सेवक मे छथि।


10
Q.S अत-तहरीम (66:10)

ضَرَبَ اللّٰهُ مَثَلًا لِّلَّذِيْنَ كَفَرُوا امْرَاَتَ نُوْحٍ وَّامْرَاَتَ لُوْطٍۗ كَانَتَا تَحْتَ عَبْدَيْنِ مِنْ عِبَادِنَا صَالِحَيْنِ فَخَانَتٰهُمَا فَلَمْ يُغْنِيَا عَنْهُمَا مِنَ اللّٰهِ شَيْـًٔا وَّقِيْلَ ادْخُلَا النَّارَ مَعَ الدّٰخِلِيْنَ

Ḍaraballāhu maṡalal lil-lażīna kafarumra'ata nūḥiw wamra'ata lūṭ(in), kānatā taḥta ‘abdaini min ‘ibādinā ṣāliḥaini fa khānatāhumā falam yugniyā ‘anhumā minallāhi syai'aw wa qīladkhulan-nāra ma‘ad-dākhilīn(a).

अल्लाह काफिर, नूह के पत्नी आ लूत के पत्नी के लेल एकटा दृष्टान्त बनौलनि। दुनू हमर सेवक मे दू टा पुण्य सेवकक देखरेख मे अछि; तखन दुनू पत्नी अपन दुनू पति के संग धोखा केलक, मुदा दुनू पति अल्लाह के (अत्याचार) स कनिको मदद नहि क सकल; आ कहल गेल जे (दुनू पत्नी सँ) "अहाँ दुनू गोटे (नरक) जायबला सभक संग नरक मे जाउ।"