81
Q.S अल-हिजर (15:81)
وَاٰتَيْنٰهُمْ اٰيٰتِنَا فَكَانُوْا عَنْهَا مُعْرِضِيْنَۙ
wa ātaināhum āyātinā fa kānū ‘anhā mu‘riḍīn(a).
आ हम हुनका सभ केँ अपन निशानी (शक्तिक) अनने छी, मुदा ओ सभ सदिखन हुनका सभ सँ मुँह मोड़ि लैत छथि,