78
Q.S अल-हिजर (15:78)
وَاِنْ كَانَ اَصْحٰبُ الْاَيْكَةِ لَظٰلِمِيْنَۙ
wa in kāna aṣḥābul-aikati laẓālimīn(a).
अऊर वाकई ऐका के लोग सही मायने मा एक अन्यायी लोग हैं
وَاِنْ كَانَ اَصْحٰبُ الْاَيْكَةِ لَظٰلِمِيْنَۙ
wa in kāna aṣḥābul-aikati laẓālimīn(a).
अऊर वाकई ऐका के लोग सही मायने मा एक अन्यायी लोग हैं