72
Q.S अल-हिजर (15:72)

لَعَمْرُكَ اِنَّهُمْ لَفِيْ سَكْرَتِهِمْ يَعْمَهُوْنَ

la‘amruka innahum lafī sakratihim ya‘mahūn(a).

(अल्लाह कहलनि) "अहाँक उम्र (मुहम्मद) सँ, सचमुच, ओ सब नशा (गुमराह) मे झूलैत छथि।"