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Q.S योना (10:96)
اِنَّ الَّذِيْنَ حَقَّتْ عَلَيْهِمْ كَلِمَةُ رَبِّكَ لَا يُؤْمِنُوْنَ
innal-lażīna ḥaqqat ‘alaihim kalimatu rabbika lā yu'minūn(a).
सचमुच, जे तोहरे प्रभु के फरमान से भरोसा किहिन हैं, उई बिसवास नाहीं करिहैं