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Q.S योना (10:94)

فَاِنْ كُنْتَ فِيْ شَكٍّ مِّمَّآ اَنْزَلْنَآ اِلَيْكَ فَسْـَٔلِ الَّذِيْنَ يَقْرَءُوْنَ الْكِتٰبَ مِنْ قَبْلِكَ ۚ لَقَدْ جَاۤءَكَ الْحَقُّ مِنْ رَّبِّكَ فَلَا تَكُوْنَنَّ مِنَ الْمُمْتَرِيْنَۙ

fa in kunta fī syakkim mimmā anzalnā ilaika fas'alil-lażīna yaqra'ūnal-kitāba min qablik(a), laqad jā'akal-ḥaqqu mir rabbika falā takūnanna minal-mumtarīn(a).

त अगर आप (मुहम्मद) का संदेह है कि हम आपके ऊपर का प्रकट किहेन है, तौ आपसे पहिले किताब पढ़े वाले व्यक्ति से पूछौ। सचमुच, सत्य तोहरे प्रभु से तोहरे पास आवा है, एहसे संदेह करै वालेन मा से एक न होइ।